Total Pageviews

Friday, September 24, 2010

चाँद साथ चलता है . . .

ख्वाबों की उडान में
उंचाई हो ज्यादा
तो आसमान छोटा पड़ता है ।
चलने को तैयार हो
तिमिर में भी अगर तो
चाँद साथ चलता है।
रास्ता कठिन है
मंजिल दूर है
मुस्कुरा कर चलो
तो ज़माना साथ चलता है।
जीवन में दुःख आते हैं
सुख लाते हैं ,
ये अफसाना साथ चलता है।
दोस्त चले जाते हैं अपने रस्ते
विरह की आग में
दोस्ती का नजराना साथ जलता है.

No comments:

Post a Comment